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BY:GNA
ANAS SAIFI

बिहार के हाजीपुर से सांसद पशुपति पारस ने कहा कि मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं है, पार्टी को बचाया है. इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार की भी तारीफ की
पटना:पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी में दरार पड़ गई है. रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस ने 5 सांसदों को अपने पाले में लेकर पार्टी पर अधिकार जता दिया है और ऐसे में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अकेले पड़ गए हैं. इसी मसले पर सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पशुपति पारस ने सफाई देते हुए चिराग पासवान पर निशाना भी साधा है. बिहार के हाजीपुर से सांसद पशुपति पारस ने कहा कि मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं है, पार्टी को बचाया है. इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार की भी तारीफ की.
पशुपति पारस ने कहा कि यह मजबूरी का फैसला है. हम भाईयों में अटूट प्यार था. पार्टी ठीक से चल रही थी. हमारे भाई चले गए और मैं अकेला महसूस कर रहा हूं. पार्टी की बागडोर जिनके हाथ में गई. पार्टी के 99 फीसदी कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और समर्थक सभी की इच्छा थी कि हम 2014 में NDA गठबंधन का हिस्सा बनें और इस बार के विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा बने रहें. उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी. कुछ असामाजिक तत्वों ने हमारी पार्टी में सेंध डाला और 99 फीसदी कार्यकर्ताओं के भावना की अनदेखी करके गठबंधन को तोड़ दिया.

पशुपति पारस ने कहा कि हमारी पार्टी में 6 सांसद हैं. 5 सांसदों की इच्छा थी की पार्टी का अस्तित्व खत्म हो रहा है, इसलिए पार्टी को बचाया जाए. मैं पार्टी तोड़ा नहीं हूं पार्टी को बचाया हूं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चिराग पासवान से कोई शिकायत नहीं है. कोई आपत्ति नहीं है, वे पार्टी में रहें. पशुपति पारस ने यह भी कहा कि जो लोग नाराज हो कर गए थे, उनसे माफी मांगता हूं.
पशुपति पारस ने कहा कि यह मजबूरी का फैसला है. हम भाईयों में अटूट प्यार था. पार्टी ठीक से चल रही थी. हमारे भाई चले गए और मैं अकेला महसूस कर रहा हूं. पार्टी की बागडोर जिनके हाथ में गई. पार्टी के 99 फीसदी कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और समर्थक सभी की इच्छा थी कि हम 2014 में NDA गठबंधन का हिस्सा बनें और इस बार के विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा बने रहें. उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी बिखर रही थी. कुछ असामाजिक तत्वों ने हमारी पार्टी में सेंध डाला और 99 फीसदी कार्यकर्ताओं के भावना की अनदेखी करके गठबंधन को तोड़ दिया.

पशुपति पारस ने कहा कि हमारी पार्टी में 6 सांसद हैं. 5 सांसदों की इच्छा थी की पार्टी का अस्तित्व खत्म हो रहा है, इसलिए पार्टी को बचाया जाए. मैं पार्टी तोड़ा नहीं हूं पार्टी को बचाया हूं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चिराग पासवान से कोई शिकायत नहीं है. कोई आपत्ति नहीं है, वे पार्टी में रहें. पशुपति पारस ने यह भी कहा कि जो लोग नाराज हो कर गए थे, उनसे माफी मांगता हूं.

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