Headlines
scroll

    Please Contact Us To Join GNA News Agency, For : Reporter, State head, Bureau chef.Toll Free:18004192745,+91 7575000130/+91 2656590130

Home / National / भारत-जापान की दोस्ती पे चीन की वार्निंग सीमा पर दखल बर्दाश्त नहीं करेगे,चीन की बोक्लाहट

भारत-जापान की दोस्ती पे चीन की वार्निंग सीमा पर दखल बर्दाश्त नहीं करेगे,चीन की बोक्लाहट

BY:NATIONAL DESK
एडिटेड बाय:संजीव मिश्रा
बीजिंग/नई दिल्ली। भारत और जापान की बढ़ती दोस्ती पर चीन ने एकबार फिर ऐतराज जताया है. शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी के लहजे में कहा कि जापान को भारत के नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में किसी तरह के निवेश से बचना चाहिए. चीन ने कहा कि भारत के साथ सीमा विवाद में किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है. चीन ने गुरुवार को भी आबे और मोदी के बीच हुए समझौतों पर टिप्पणी की थी. गौरतलब है कि दो दिवसीय भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री ने बुलेट ट्रेन के साथ कई और क्षेत्रों में भी सहयोग के करार किए हैं जिससे चीन की चिंताएं बढ़ गई हैं.
शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा लगता है दोनों देश साझेदारी नहीं गुटबाजी कर रहे हैं. भारत और जापान गुटबाजी के बजाए आपसी साझेदारी करें तो बेहतर होगा. इससे पहले चीन ने भारत में बुलेट ट्रेन की पहल की तारीफ की थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा था कि चीन क्षेत्रीय देशों के बीच रेलवे सहित अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण में उच्चस्तरीय सहयोग से खुश है.
चीन को नहीं पसंद मोदी-शिंजो की ‘बुलेट दोस्ती’, कहा- साझेदारी करें गुटबाजी नहीं
चीन को नहीं पसंद मोदी-शिंजो की ‘बुलेट दोस्ती’, कहा- साझेदारी करें गुटबाजी नहीं
Read more
आपको बता दें कि जापान के पीएम शिंजो आबे के दौरे के दौरान भारत के साथ नॉर्थ ईस्ट इंडिया में भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के निर्माणों पर समझौते हुए हैं. शिंजो आबे और पीएम मोदी ने मिलकर गुरुवार को इंडिया जापान एक्ट ईस्ट फोरम का गठन करने की घोषणा की है. यह फोरम नॉर्थ ईस्ट इंडिया में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के निर्माण पर काम करेगी. इन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में रोड निर्माण, इलेक्ट्रसिटी और वॉटर सप्लाई जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं.
विश्व जीडीपी में 5.91 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाला जापान 2.83 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले भारत से नजदीकी बढ़ा रहा है जिससे कई देशों की त्यौरियां चढ़ना तय है. ऐसे समय में जब पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अख्तियार किए हो, चीनी सैनिक डोकलाम पर सड़क बनाने पर आमादा हो, नॉर्थ कोरिया के परमाणु परीक्षण ने दुनिया की नाक में दम कर दिया हो; ऐसे में जापानी पीएम की भारत यात्रा के कई मायने निकलते हैं. शिंजो आबे भारत के लिए बुलेट ट्रेन जैसी सौगात के साथ कई अहम समझौते किए.
पांच आसान बिंदुओं में समझें जापानी पीएम शिंजो आबे की भारत यात्रा के असली मायने
पांच आसान बिंदुओं में समझें जापानी पीएम शिंजो आबे की भारत यात्रा के असली मायने
Read more
शिंजो आबे की भारत यात्रा का सबसे प्रमुख करार बुलेट ट्रेन का था. मोदी और अबे ने जापान के सहयोग के बनाए जा रहे मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट का भूमि पूजन किया. पीएम मोदी ने भी अपने बयान में स्वीकार करते हुए कहा, ‘भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस रेल टेक्नोलॉजी को नए भारत की लाइफ लाइन के तौर पर देखता हूं’. 1.20 लाख करोड़ रुपए के इस प्रोेजेक्ट की अभी नींव रखी जा रही है. मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किमी रूट पर 2022 तक बुलेट ट्रेन चलाने का लक्ष्य है.
हमें फेसबुक पे लाइक करे
https://www.youtube.com/channel/UC2FPRA43V7N58zjIN5v3E_A

apteka mujchine for man ukonkemerovo woditely driver.

error: Content is protected !!